शिवसेना का भाजपा से तलाक
शिवसेना ने राष्ट्रीय कार्यकारणी में राजनीतिक प्रस्ताव पारित कर 2019 में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. पिछले तीन साल से साथ रहकर सेना भाजपा को कोसती रही है जिससे भाजपा असहज होती रही है. क्या सेना अकेले चुनाव लड़ेंगी या यह गीदड़भभकी है ? क्या सत्ता के बगैर सेना रह पाएगी ? क्या सेना में टूट संभव है ? इन सारे सवालों के जवाब जानने के लिये देखें ख़बर के पीछे की ख़बर धोबीघाट पर अशोक वानखड़े के साथ


















मैं किसी चाँद का आसमाँ हो गया
आप तो इस शहर से वाकिफ़ हैं(ग़ज़ल)
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माल्यार्थ फाउंडेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय वेबिनार आयोजित