दुश्मन से ज्यादा हम मारते हैं जवानों को |
हमारे देश में अर्धसैनिकबलों में काम करने वाले जवानों की मौत दुश्मन के मारने से ज्यादा आत्महत्या से होती है खराब खाने, रहने की घटिया सुविधा और काम के प्रेशर से हमारे जवान आत्महत्या करते हैं . दुश्मनो से जाँबाज़ी से लड़ने वाले हमारे जवान क्यों जिंदगी से हार जाते हैं ? कौन जिम्मेदार होगा इन मौतों का ? क्या कभी इसमें सुधार होगा ? इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए देखिए खबर के पीछे की खबर अशोक वानखड़े के साथ धोबी घाट पर :


















मैं किसी चाँद का आसमाँ हो गया
आप तो इस शहर से वाकिफ़ हैं(ग़ज़ल)
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माल्यार्थ फाउंडेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय वेबिनार आयोजित