विवेक ज्वाला

Top Menu

  • Blog
  • Contact Us

Main Menu

  • देश
    • सुप्रीम कोर्ट
    • विदेश Jwala
      • जापान
      • पाकिस्तान
  • प्रदेश
    • दिल्ली Jwala
    • उत्तर प्रदेश Jwala
    • हैदराबादJWALA
    • उत्तराखण्ड Jawla
    • जम्मू कश्मीर Jwala
    • बिहार Jwala
    • मध्य प्रदेश Jwala
    • हरियाणा Jwala
    • महाराष्ट्र Jwala
    • पंजाब Jwala
    • तमिलनाडु Jwala
    • झारखड Jwala
    • केरला Jwala
  • सम्पादकीय
  • प्रेरणादायक सीख
  • PM मोदी
  • कारोबार
    • कंपनी Jwala
    • गैजेट्स
  • ज़रा हटकर
    • जन्मदिन की बधाई
  • मनोरंजन
    • चुटकुले
    • बॉलीवुड Jwala
    • बॉलीवुड हस्तियां
    • कविता Jwala
  • स्वास्थ्य
  • ऐतिहासिक तथ्य
  • खेल
    • बैडमिंटन Jwala
    • हॉकी Jwala
    • क्रिकेट Jwala
Sign in / Join

Login

Welcome! Login in to your account
Lost your password?

Lost Password

Back to login
  • Blog
  • Contact Us

logo

Header Banner

विवेक ज्वाला

  • देश
    • सुप्रीम कोर्ट
    • विदेश Jwala
      • जापान
      • पाकिस्तान
  • प्रदेश
    • दिल्ली Jwala
    • उत्तर प्रदेश Jwala
    • हैदराबादJWALA
    • उत्तराखण्ड Jawla
    • जम्मू कश्मीर Jwala
    • बिहार Jwala
    • मध्य प्रदेश Jwala
    • हरियाणा Jwala
    • महाराष्ट्र Jwala
    • पंजाब Jwala
    • तमिलनाडु Jwala
    • झारखड Jwala
    • केरला Jwala
  • सम्पादकीय
  • प्रेरणादायक सीख
  • PM मोदी
  • कारोबार
    • कंपनी Jwala
    • गैजेट्स
  • ज़रा हटकर
    • जन्मदिन की बधाई
  • मनोरंजन
    • चुटकुले
    • बॉलीवुड Jwala
    • बॉलीवुड हस्तियां
    • कविता Jwala
  • स्वास्थ्य
  • ऐतिहासिक तथ्य
  • खेल
    • बैडमिंटन Jwala
    • हॉकी Jwala
    • क्रिकेट Jwala
  • वैश्य अग्रवाल सभा द्वारा निरजला एकादशी पर शीतल मीठे शरबत (छबील) का आयोजन

  • इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), गाज़ियाबाद लोकल सेंटर द्वारा 58th Engineers Day 2025 का सफल आयोजन

  • आईईआई गाज़ियाबाद लोकल सेंटर में Royal Charter Day 2025 का सफल आयोजन

  • गाज़ियाबाद में सम्पन्न हुआ 38वाँ राष्ट्रीय टेक्सटाइल इंजीनियर्स सम्मेलन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी

  • स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में महाराजा अग्रसेन मानव सेवा ट्रस्ट एवं वैश्य अग्रवाल सभा (ट्रांस हिंडन क्षेत्र) साहिबाबाद ने, माल्यार्थ फाउंडेशन के सांस्कृतिक सहयोग से एक शाम देश की“संस्कृति और स्वतंत्रता”के नाम आयोजित किया

ज़रा हटकर
Home›ज़रा हटकर›हिमालय से विराट व्यक्तित्व वाले ……

हिमालय से विराट व्यक्तित्व वाले ……

By vivekjwala
July 2, 2017
1814
0
Share:

पिता उस जमाने में जनसंघ से विधायक थे और परिवार हरियाणा के कैथल शहर के सबसे धनाढ्य परिवारों में एक. उसी परिवार से 10 साल की छोटी उम्र का एक बच्चा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में जाना शुरू करता है, संघ शाखा में जाने के साथ-साथ पढाई में भी अव्वल ये बालक इंजिनीयरिंग करने गया तो वहां भी अपनी योग्यता के झंडे गाड़ दिए और जब वहां से निकला तो मैकेनिकल इंजिनियरिंग में अपने बैच का गोल्ड मेडलिस्ट था.

डिग्री मिलने के बाद अब मैकेनिकल इंजिनियरिंग के इस टॉपर के सामने दो रास्ते थे, परिवार का जमा-जमाया व्यवसाय संभाले या फिर कहीं अच्छी सी नौकरी करे और उसके बाद गृहस्थी बसाये पर उसने ये रास्ता नहीं चुना. उसने खुद को देश और धर्म की सेवा में झोंक दिया और 1970 में संघ के प्रचारक बन गये. पिता ने खुशी में पूरे मोहल्ले में भोज किया कि उनके बेटे ने खुद के लिये जीने की बजाये देश के लिये जीने की राह चुनी है.

प्रचारक बने तो संघ ने दिल्ली में काम करने का दायित्व सौंपा तो 1970 से 1983 तक अलग-अलग दायित्वों में दिल्ली में काम करते रहे. अपने इन दायित्वों का निर्वहन करते हुए उन्हें आपातकाल के दंश से लेकर, सिख विरोधी अभियान तक के विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ा पर उन्होंने इन प्रतिकूल परिस्थितियों में भी हिन्दू समाज का कुशल मार्गदर्शन किया, इसी दौरान दिल्ली में माँ झंडेवाली मंदिर की जमीन को भी असामाजिक तत्वों के कब्जे से मुक्त कराया. असाधारण योग्यता को देखते हुए संघ ने इन्हें बिलकुल प्रतिकूल जगह भेजने का निर्णय लिया और उन्हें संघ कार्य को विस्तार देने के लिये कश्मीर और हिमाचल प्रदेश भेज दिया. नब्बे के शुरूआती दशक में जब पूरा कश्मीर हिन्दू विरोधी और राष्ट्र विरोधी आग में जल रहा था तब ये शख्स वहां के संतप्त हिन्दू समाज के बीच अविचलित हुए बिना काम कर रहा था. कश्मीर की एक इंच भूमि भी ऐसी नहीं है जो इस शख्स की हिन्दू समाज के लिये की गई मेहनत का इंकार कर सके. जिस समय देश के नेता और अधिकारी कश्मीर के हिन्दुओं को उनके हाल पर छोड़कर किसी चमत्कार की प्रतीक्षा कर रहे थे उस समय ये वहां के गाँव-गाँव में बिना किसी सुरक्षा के घूम रहे थे. कई बार आतंकियों ने अपहरण और हत्या की कोशिश की, धमकियाँ भेजी पर ये डिगे नहीं. 17 साल वहां काम करने के बाद संघ ने इनको अखिल भारतीय अधिकारी का दायित्व सौंपा, फिर तो इनके चमत्कारिक व्यक्तित्व के कई और आयाम देश के सामने आने लगे.

आपको अगर सिर्फ सदस्य के नाते कुछ संगठनों से जुड़ने को कहा जाये तो आप कितने संगठन से जुड़ सकेंगे, दो, चार, दस, बीस यही न ? पर इस शख्स ने चालीस से अधिक संगठनों की स्थापना की. समाज, राष्ट्र और हिन्दू से जुड़ा कोई भी विषय ऐसा नहीं है जिसके लिये इस आदमी ने काम न किया हो. आप पर्यटन की बात करेंगें तो इन्होंनें पवित्र सिन्धु नदी से जुड़ी “सिन्धु दर्शन यात्रा” शुरू की फिर पूर्वोत्तर के ओर पहुंचे और तवांग यात्रा का आयोजन किया. आज भी हर वर्ष ये दोनों यात्रायें होतीं हैं. ये देश के पहले इंसान है जिन्होनें धार्मिक यात्रा के साथ-साथ देश-प्रेम यात्रा का आयोजन शुरू किया. अपने एक संगठन “फिन्स” (फोरम फॉर इंटीग्रेटेड नेशनल सिक्यूरिटी) के बैनर तले “सरहद को प्रणाम” नाम से एक यात्रा शुरू करवाई जिसमें लाखों युवक और युवतियों ने देश के सीमावर्ती क्षेत्रों की यात्रा की और सरहद तक पहुँचे. हर वर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अंडमान में भी ऐसी ही यात्रा का आयोजन होता है जहाँ लोग सेलुलर जेल जाकर अपने महान बलिदानियों को नमन करतें हैं. सीमा की सुरक्षा केवल सरकार की नहीं बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है इसलिये इस शख्स ने “सीमा जागरण मंच” नाम से एक संगठन बनाया है जो भारत के सीमवर्ती इलाकों भी सजग और मुस्तैद है. देश की आंतरिक सुरक्षा पर कोई आंच न आये और सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ समाज भी सजग रहे इसके लिये फिर “फैन्स” (फोरम फॉर अवेयरनेस ऑन नेशनल सिक्यूरिटी) नाम से एक संगठन बनाया जिसके कार्यक्रमों में सरकार के बड़े-बड़े मंत्री और रक्षा विशेषज्ञ आते रहतें हैं.

जो सैनिक देश के लिये अपना सबकुछ न्योछावर कर देता है, सेवानिवृति के बाद भी वो बेहतर जीवन जिये और समाज के लिये प्रेरक बन कर काम करे इसलिए इन्होंने “पूर्व सैनिक परिषद्” नाम से एक संगठन बनाया. पूंछ में जब जेहादी आँख दिखाते हुए हिन्दुओं से कह रहे थे कि निजामे-मुस्तफा में तेरा कोई स्थान नहीं तब इन्होनें वहां “बूढ़ा अमरनाथ” यात्रा की शुरुआत की और जिहादियों के मंसूबे को कुचल दिया, फिर इसके बाद हिमाचल प्रदेश में भी “बाबा बालकनाथ दियोट सिद्ध हिमालयी एकता” नाम से ऐसी ही एक यात्रा प्रारंभ करवाई. तिब्बत चीन के आधिपत्य से मुक्त हो इसके लिये भी उनका प्रयास चला और ५ मई १९९९ को उन्होंने “भारत तिब्बत सहयोग मंच” नाम से एक संगठन बनाया. कैलाश मानसरोवर चीन के कब्जे से मुक्त हो इसके लिये १९९६ में लेह में “सिन्धु उत्सव” की शुरुआत की जिसके उदघाटन कार्यक्रम में आडवानी जी जैसे बड़े दिग्गज भी थे. हिमालय प्रदूषण मुक्त और सुरक्षित हो इसके लिये “हिमालय परिवार” नाम से एक संगठन बनाया. ये संगठन वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के कामों में बड़ा सक्रिय है. माँ गंगा फिर से कल-कल करती हुई बहे इसके लिये भी उन्होंने काम किया, आज गंगा-सफाई अभियान से जुड़े किसी व्यक्ति से इनका नाम पूछिए देखिये वो कितने गर्व से इनका नाम लेता है. पूर्वोत्तर में पर्यटन का विस्तार हो और चीन की गिद्ध दृष्टि से देश अवगत हो इसके लिये पूर्वोत्तर में तवांग यात्रा के साथ-साथ परशुराम कुंड यात्रा की भी शुरुआत की. देश का मुस्लिम समाज भी राष्ट्र की मुख्यधारा में आये और विवादित मसलों पर उनके साथ संवाद हो इसके लिये 2002 में “मुस्लिम राष्ट्रीय मंच” की स्थापना की, इसी तरह ईसाई समाज से भी संवाद हो सके इसके लिये “राष्ट्रीय ईसाई मंच” बनाया. गऊ रक्षा का विषय इनके दिल के सबसे करीब है, इनकी कोशिशों से लाखों-लाख मुसलमानों ने गो-हत्या रोकने के लिये हस्ताक्षर अभियान चलाया और मुस्लिम समाज से करीब १० लाख हस्ताक्षर करवाकर राष्ट्रपति को सौंपा.

नेपाल चीन के आगोश में न चला जाये इसके लिये २००६ में “नेपाली संस्कृति परिषद्” नाम से एक संगठन बनाया, फिर बांग्लादेश में हो रहे हिन्दू दमन के खिलाफ वहां के बुद्धिजीवी आगे आयें इसके लिये उन्होंने “भारत बांग्लादेश मैत्री परिषद् नाम से एक संगठन बनाया. फिर 2006 में बौद्ध और अनुसूचित नवबौद्ध समाज से संवाद के लिये “धर्म-संस्कृति संगम” नाम से एक संगठन बनाया जिसके कार्यक्रमों के बारे में मैंने कई बार लिखा है.

ये तो मैंने बस कुछ संगठनों के नाम लिखे हैं, विस्तार भय से इनके द्वारा स्थापित सारे संगठनों की चर्चा नहीं कर पाया और ऐसा भी नहीं है कि इनके इतने सारे संगठन सिर्फ नाम के हैं, इनमें से हरेक संगठन जीवंत हैं, इन संगठनों के जनक और मार्गदर्शक किसी महामानव की तरह इन सारे संगठनों के कार्यक्रमों में लगभग रोज ही आपको दिखेंगे. जो उनको करीब से जानतें हैं उनके लिये इनकी दिनचर्या किसी चमत्कार से कम नहीं है. सुबह गुवाहाटी से कार्यक्रम निपटा कर दिल्ली, फिर दिल्ली में कार्यक्रम संपन्न कर हैदराबाद और फिर ऐसा ही क्रम रोज का होता है. इन्होनें पूरे भारत के न जाने कितने चक्कर लगा लिये होंगें. रोज़ हजारों लोग मिलतें हैं पर जिससे एक बार मिल लिया उसका नाम उन्हें याद रह जाता है और उनके जानने वाले उनके नाम के आगे स्वतः आदरणीय या माननीय शब्द जोड़ लेतें हैं.

ऊपर जिनका उल्लेख हो रहा है वो हैं संघ के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के सदस्य और संघ के वरिष्ठ प्रचारक “इन्द्रेश कुमार”

कभी असम के बदरुद्दीन अजमल, यू० पी० के हाजी यकूब कुरैशी जैसे कट्टरपंथी नेताओं का अनुभव भी सुनियेगा जो इन्द्रेश जी से मुलाक़ात के दौरान उन्हें हुआ था. एक कार्यक्रम में इन्द्रेश कुमार और दलाई लामा दोनों को आना था. परम पावन दलाई लामा पहुँच गये पर ट्रेन देर होने के चलते इन्द्रेश जी समय पर नहीं पहुँच पाये तो दलाई लामा से अनुरोध किया गया कि आप कार्यक्रम शुरू करिए, परम पावन दलाई लामा जी ने कहा कि जब तक इन्द्रेश जी नहीं आते मैं शुरू नहीं करूँगा. हीरे की परख हीरे को होती है, जाहिल और मतिमंद लोग उसे कभी नहीं परख सकते पर किसी बड़े को गाली देकर खुद को ऊँचा उठता हुआ जो महसूस करे उसकी बात और है. हो सकता है कि निरंतर प्रवासी इन्द्रेश कुमार किसी दिन आपके शहर में भी हो इसलिये कभी अवसर मिले तो इन्द्रेश जी के किसी कार्यक्रम में जाइये, अभी के भारत सरकार के मंत्रियों को सुनिये कि उनकी भावना इन्द्रेश कुमार के लिये क्या है, मैंने “हिमालय सा विराट व्यक्तित्व” क्यों लिखा है” उसका प्रमाण तुरंत मिल जायेगा.

Previous Article

अपने, सबके और राष्ट्र के रामनाथ कोविंद

Next Article

ऐतिहासिक तथ्य

0
Shares
  • 0
  • +
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

vivekjwala

Related articles More from author

  • ज़रा हटकर

    ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी में शामिल हुए ‘चना’ और ‘चना दाल’ शब्द

    September 26, 2017
    By vivekjwala
  • PM मोदीUncategorizedकारोबारज़रा हटकरपॉलिटिक्स

    एटिएम, डेबिट कार्ड, और चेक बुक भी महंगा |

    May 15, 2018
    By vivekjwala
  • जन्मदिन की बधाई

    जाने-माने अभिनेता कमल हासन जी का है आज जन्मदिन

    November 7, 2017
    By vivekjwala
  • ज़रा हटकर

    राम देव बाबा सिर्फ योग गुरु नहीं बल्कि ओलंपिक विजेता बन के 2 लोगो को हराया

    October 10, 2017
    By vivekjwala
  • CENTRAL GOVERNMENTFarmer'sJudiciaryPM मोदीज़रा हटकरसुप्रीम कोर्ट

    छोटे ग्राहकों को कर्ज नहीं |

    June 4, 2018
    By vivekjwala
  • ज़रा हटकर

    हनीप्रीत पुलिस से बचने के लिए बदल रही है गेटअप

    September 19, 2017
    By vivekjwala

Leave a reply Cancel reply

  • देशमहाराष्ट्र Jwala

    महाराष्ट्र के किसान कोर्ट में |

  • उत्तर प्रदेश Jwala

    सीवर साफ करने उतरे तीन मजदूरों की मौत, नोएडा सेक्टर 110 की घटना

  • देशप्रदेशमहाराष्ट्र Jwala

    क्यो आत्महत्या कर रहे है महाराष्ट्र के किसान

  • Recent

  • Popular

  • Comments

  • वैश्य अग्रवाल सभा द्वारा निरजला एकादशी पर शीतल मीठे शरबत (छबील) का आयोजन

    By vivekjwala
    June 29, 2026
  • इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), गाज़ियाबाद लोकल सेंटर द्वारा 58th Engineers Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 16, 2025
  • आईईआई गाज़ियाबाद लोकल सेंटर में Royal Charter Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 9, 2025
  • गाज़ियाबाद में सम्पन्न हुआ 38वाँ राष्ट्रीय टेक्सटाइल इंजीनियर्स सम्मेलन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी

    By vivekjwala
    September 6, 2025
  • स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में महाराजा अग्रसेन मानव सेवा ट्रस्ट एवं वैश्य अग्रवाल सभा (ट्रांस ...

    By vivekjwala
    August 19, 2025
  • किसान हमारे अन्नदाता हैं

    By vivekjwala
    June 26, 2017
  • राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    By vivekjwala
    October 13, 2017
  • कौन सही कौन गलत |

    By vivekjwala
    May 28, 2018
  • अब बेड़ियां नहीं पहनेंगी मुस्लिम महिलाएं

    By vivekjwala
    June 22, 2017
  • देशभक्त पत्थरबाज

    By vivekjwala
    February 1, 2018
  • Best Bet Casino Free Coins
    on
    September 16, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    new zealandn Best Bet ...
  • Trina
    on
    September 16, 2026

    किसान हमारे अन्नदाता हैं

    apuestas online venezuela (Trina) ...
  • Nam
    on
    September 16, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    nowe bonus od depozytu ...
  • příšTí mistrovství světa v hokeji
    on
    September 16, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    příšTí mistrovství světa v ...
  • online math tuition Singapore data driven
    on
    September 16, 2026

    किसान हमारे अन्नदाता हैं

    Many Singapore parents turn ...

Find us on Facebook

प्रेरणादायक सीख

उत्तर प्रदेश Jwala

वैश्य अग्रवाल सभा द्वारा निरजला एकादशी पर शीतल मीठे शरबत (छबील) का आयोजन

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर वैश्य अग्रवाल सभा द्वारा श्रद्धालुओं एवं आमजन की सेवा हेतु शीतल मीठे शरबत (छबील) का आयोजन किया गया। प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 ...
  • इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), गाज़ियाबाद लोकल सेंटर द्वारा 58th Engineers Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 16, 2025
  • आईईआई गाज़ियाबाद लोकल सेंटर में Royal Charter Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 9, 2025
  • गाज़ियाबाद में सम्पन्न हुआ 38वाँ राष्ट्रीय टेक्सटाइल इंजीनियर्स सम्मेलन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी

    By vivekjwala
    September 6, 2025
  • स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में महाराजा अग्रसेन मानव सेवा ट्रस्ट एवं वैश्य अग्रवाल सभा (ट्रांस हिंडन क्षेत्र) साहिबाबाद ने, माल्यार्थ फाउंडेशन के सांस्कृतिक सहयोग से एक शाम देश की“संस्कृति और स्वतंत्रता”के नाम आयोजित किया

    By vivekjwala
    August 19, 2025

पत्रकारिता हमारा मिशन है व्यवसाय नही।

विवेक ज्वाला का प्रकाशन वर्ष 2002 में तत्कालीन जनपद गाजियाबाद के किसी ग्राम से निकलने वाला पहला मासिक समाचार पत्र था।जो एक टीम के द्वारा शुरू किया गया था।
2011 में विवेक ज्वाला साप्ताहिक प्रकाशित किया जाने लगा।जो आज तक निरंतर प्रकाशित हो रहा है।
 इस बीच विवेक ज्वाला के 5 विशेषांक मैगजीन के रूप में प्रकाशित हो चुके हैं।जिन्हें हमारे पाठकों ने बेहद सराहा है।
  • Recent

  • Popular

  • Comments

  • वैश्य अग्रवाल सभा द्वारा निरजला एकादशी पर शीतल मीठे शरबत (छबील) का आयोजन

    By vivekjwala
    June 29, 2026
  • इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), गाज़ियाबाद लोकल सेंटर द्वारा 58th Engineers Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 16, 2025
  • आईईआई गाज़ियाबाद लोकल सेंटर में Royal Charter Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 9, 2025
  • गाज़ियाबाद में सम्पन्न हुआ 38वाँ राष्ट्रीय टेक्सटाइल इंजीनियर्स सम्मेलन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी

    By vivekjwala
    September 6, 2025
  • किसान हमारे अन्नदाता हैं

    By vivekjwala
    June 26, 2017
  • राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    By vivekjwala
    October 13, 2017
  • कौन सही कौन गलत |

    By vivekjwala
    May 28, 2018
  • अब बेड़ियां नहीं पहनेंगी मुस्लिम महिलाएं

    By vivekjwala
    June 22, 2017
  • Best Bet Casino Free Coins
    on
    September 16, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    new zealandn Best Bet ...
  • Trina
    on
    September 16, 2026

    किसान हमारे अन्नदाता हैं

    apuestas online venezuela (Trina) ...
  • Nam
    on
    September 16, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    nowe bonus od depozytu ...
  • příšTí mistrovství světa v hokeji
    on
    September 16, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    příšTí mistrovství světa v ...

Follow us

About us

  • Hapur
  • +91- 9999929312
  • [email protected]
  • Home
  • Contact Us
  • About Us