विवेक ज्वाला

Top Menu

  • Blog
  • Contact Us

Main Menu

  • देश
    • सुप्रीम कोर्ट
    • विदेश Jwala
      • जापान
      • पाकिस्तान
  • प्रदेश
    • दिल्ली Jwala
    • उत्तर प्रदेश Jwala
    • हैदराबादJWALA
    • उत्तराखण्ड Jawla
    • जम्मू कश्मीर Jwala
    • बिहार Jwala
    • मध्य प्रदेश Jwala
    • हरियाणा Jwala
    • महाराष्ट्र Jwala
    • पंजाब Jwala
    • तमिलनाडु Jwala
    • झारखड Jwala
    • केरला Jwala
  • सम्पादकीय
  • प्रेरणादायक सीख
  • PM मोदी
  • कारोबार
    • कंपनी Jwala
    • गैजेट्स
  • ज़रा हटकर
    • जन्मदिन की बधाई
  • मनोरंजन
    • चुटकुले
    • बॉलीवुड Jwala
    • बॉलीवुड हस्तियां
    • कविता Jwala
  • स्वास्थ्य
  • ऐतिहासिक तथ्य
  • खेल
    • बैडमिंटन Jwala
    • हॉकी Jwala
    • क्रिकेट Jwala
Sign in / Join

Login

Welcome! Login in to your account
Lost your password?

Lost Password

Back to login
  • Blog
  • Contact Us

logo

Header Banner

विवेक ज्वाला

  • देश
    • सुप्रीम कोर्ट
    • विदेश Jwala
      • जापान
      • पाकिस्तान
  • प्रदेश
    • दिल्ली Jwala
    • उत्तर प्रदेश Jwala
    • हैदराबादJWALA
    • उत्तराखण्ड Jawla
    • जम्मू कश्मीर Jwala
    • बिहार Jwala
    • मध्य प्रदेश Jwala
    • हरियाणा Jwala
    • महाराष्ट्र Jwala
    • पंजाब Jwala
    • तमिलनाडु Jwala
    • झारखड Jwala
    • केरला Jwala
  • सम्पादकीय
  • प्रेरणादायक सीख
  • PM मोदी
  • कारोबार
    • कंपनी Jwala
    • गैजेट्स
  • ज़रा हटकर
    • जन्मदिन की बधाई
  • मनोरंजन
    • चुटकुले
    • बॉलीवुड Jwala
    • बॉलीवुड हस्तियां
    • कविता Jwala
  • स्वास्थ्य
  • ऐतिहासिक तथ्य
  • खेल
    • बैडमिंटन Jwala
    • हॉकी Jwala
    • क्रिकेट Jwala
  • वैश्य अग्रवाल सभा द्वारा निरजला एकादशी पर शीतल मीठे शरबत (छबील) का आयोजन

  • इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), गाज़ियाबाद लोकल सेंटर द्वारा 58th Engineers Day 2025 का सफल आयोजन

  • आईईआई गाज़ियाबाद लोकल सेंटर में Royal Charter Day 2025 का सफल आयोजन

  • गाज़ियाबाद में सम्पन्न हुआ 38वाँ राष्ट्रीय टेक्सटाइल इंजीनियर्स सम्मेलन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी

  • स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में महाराजा अग्रसेन मानव सेवा ट्रस्ट एवं वैश्य अग्रवाल सभा (ट्रांस हिंडन क्षेत्र) साहिबाबाद ने, माल्यार्थ फाउंडेशन के सांस्कृतिक सहयोग से एक शाम देश की“संस्कृति और स्वतंत्रता”के नाम आयोजित किया

दिल्ली Jwalaप्रदेश
Home›दिल्ली Jwala›खुलने लगी है केजरीवाल की कलाई

खुलने लगी है केजरीवाल की कलाई

By vivekjwala
June 26, 2017
2463
2
Share:

विवेक ज्वाला ब्यूरो। आम आदमी पार्टी में भगदड़ मची हुई है। उसके अनेक नेता पार्टी की नीतियों और भ्रष्ट आचरण पर खुलकर बोलने लगे हैं। यहां तक कि उनके अपने लोग ही भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। लेकिन पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल उनकी बातों को सुनने की बजाए, उन्हें ही पार्टी से खदेड़ रहे हैं  जब 9 मई को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की बात की तथा ट्वीट किया कि सत्य की विजय होगी तो ऐसा लगा, जैसे अपने पर, अपने ही एक साथी द्वारा लगाए गए आरोपों पर उसमें चर्चा होगी। लेकिन यह क्या? वहां तो इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का एक प्रारूप लाकर उसका उपहास उड़ाया जा रहा था। यह केजरीवाल की पुरानी रणनीति हैकृ चर्चा में बने रहो तथा जो कुछ अपने पर आरोप है, उससे ध्यान हटाकर बहस को किसी और दिशा में मोड़ दो। किंतु कई बार अपने पापों पर परदा डालने में सफल होने वाले केजरीवाल इस बार असफल साबित हो गए। केवल मीडिया ने ही नहीं, दिल्ली और देश की जनता ने इसे कथनी और करनी में खाई रखने वाले एक नेता की असफल रणनीति के रूप में ही लिया।

वास्तव में दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा द्वारा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर अपने एक मंत्री सत्येन्द्र जैन से दो करोड़ रुपए लेने सहित दूसरे साथियों पर जो आरोप लगाए गए हैं, उनसे मचा तूफान शांत होने का नाम नहीं ले रहा। हालांकि अभी भी ऐसे लोग हैं जिनके लिए सहसा यह विश्वास करना कठिन है कि जो अरविंद  कल तक भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाते थे, दूसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे, आज वे खुद अपने ही साथी के आरोप से कठघरे में खड़े हो गए हैं। हालांकि इस मामले में केजरीवाल के दाहिने हाथ और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया कह रहे हैं कि जिस तरह से उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाए, वे जवाब देने के लायक तक नहीं हैं। कपिल मिश्रा कुमार विश्वास के करीबी माने जाते थे, लेकिन उन्होंने भी यह बयान दिया कि केजरीवाल कभी घूस लेंगे, यह मैं सोच भी नहीं सकता। वहीं अरविंद केजरीवाल के धुर विरोधी योगेन्द्र यादव ने भी कहा कि ऐसे आरोपों के लिए प्रमाण चाहिए। इस तरह देखा जाए तो अरविंद केजरीवाल के साथ इस मामले में काफी लोग हैं। यह भी कहा जा सकता है कि कपिल मिश्रा को चूंकि मंत्री पद से हटा दिया गया इसलिए वे खीझ में ऐसा आरोप लगा रहे हैं। किंतु खीझ में दूसरा आरोप भी तो लगा सकते थे। सत्येन्द्र जैन से ही धन लेने का आरोप क्यों लगाया? उन्होंने यह कहा कि जब मैंने केजरीवाल से पूछा कि आप पैसा क्यों ले रहे हैं तो उन्होंने कहा कि राजनीति में बहुत-सी बात उसी समय नहीं बताई जाती, बाद में बताई जाती है। कपिल मिश्रा केवल आरोप नहीं लगा रहे, बल्कि बाकायदा वे पहले उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिले और उन्हें सब बातों से अवगत कराया, उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जाकर उसे तथ्य दिए और उसके बाद वे सीबीआई तक चले गए।

अगर कपिल मिश्रा केवल आरोप लगाकर रुक जाते तो इसकी गंभीरता कम हो जाती। लेकिन वे तो शिकायतकर्ता और गवाह दोनों बन चुके हैं। जो व्यक्ति इस सीमा तक जा चुका हो, उसे केवल हवा में बात करने वाला नहीं कहा जा सकता। उसे बखूबी पता है कि अगर उसने झूठी गवाही दी तो उसके खिलाफ मामला बन सकता है। अपने को सत्यवादी साबित करने के लिए ही लगता है, कपिल पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर अपनी पत्नी के साथ गए और बाद में गांधी जी की तस्वीर लगाकर अनशन आरंभ कर दिया। निस्संदेह, मामले के न्यायालय में जाने पर अनेक सवाल उठेंगे और कपिल को उन सबका उत्तर देना होगा। यह सवाल तो उठेगा ही कि केजरीवाल ने धन लेने के लिए वही समय क्यों चुना जब कपिल मिश्रा उनके पास हों या आने वाले हों? उन्हें धन लेना ही था तो वे इसके लिए कोई दूसरा समय चुन सकते थे। सवाल वाजिब है और इसका जवाब देना आसान नहीं है। संजय सिंह यही सवाल पत्रकारों के समक्ष उठा रहे थे। किंतु कपिल का कहना है कि केजरीवाल को विश्वास था कि यह तो हमें भगवान् की तरह मानता है, इसलिए संदेह नहीं करेगा। कुछ समय के लिए कपिल मिश्रा के आरोप को यहीं छोड़ दें। संजय सिंह तो यह भी कह रहे थे कि कपिल मिश्रा किस दिन और कब गए मुख्यमंत्री के घर गए ये तो बता दें, फिर उस दिन का सीसीटीवी फुटेज दिखा दिया जाएगा। कपिल मिश्रा ने जो शिकायत दर्ज कराई है, उसमें दिन, तिथि और समय तीनों अंकित हंै। यहां एक प्रश्न अपने आपसे करिए कि क्या हमको, आपको यह विश्वास है कि अरविंद केजरीवाल जिस ईमानदारी, सचाई, सदाचार और आदर्श की राजनीति का वादा कर सत्ता में आए थे, वाकई उनकी सरकार उस पर खरी उतर रही है? अगर आप निष्पक्षता से इसका उत्तर तलाशेंगे तो कम से कम आप हां तो नहीं कह सकते। ध्यान रखिए, सत्येन्द्र जैन पर हवाला से लेकर भूमि सौदे, अपनी बेटी को गलत तरीके से नियुक्त करने के साथ गलत बिल भुगतान कराने का मामला चल रहा है।

उनके खिलाफ पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो था, अब सीबीआई उनसे जुड़े स्थलों पर छापा मार चुकी है। हम यह नहीं कहते कि किसी के घर छापा पड़ने या उस पर मुकदमा हो जाने मात्र से ही वह दोषी हो जाता है, लेकिन आप आम आदमी पार्टी के ही कुछ नेताओं और विधायकों से सत्येन्द्र जैन के बारे में अकेले में बात करिए, वे स्वयं वो सारी बातें बोल देंगे जिसका आरोप उन पर लग रहा है। सत्येन्द्र जैन की अकूत संपत्ति को लेकर अनेक कहानियां सत्ता के गलियारे में तैरती रहती हैं। सत्येन्द्र जैन जैसे व्यक्ति को अपने मंत्रिमंडल में लेना ही  केजरीवाल के चरित्र को संदेह के घेरे में ला देता है। कपिल मिश्रा का कहना है कि सत्येन्द्र जैन ने ही उन्हें बताया कि उन्होंने केजरीवाल के रिश्तेदार की जमीन का सौदा कराया है। अगर यह सच है तो इसका मतलब इतना तो है कि मंत्री बनने के बावजूद सत्येन्द्र जैन संपत्ति की दलाली का काम कर रहे थे। कपिल मिश्रा के सारे आरोपों को कुछ क्षण के लिए अलग रख दीजिए। क्या अरविंद केजरीवाल सरकार के पांच मंत्रियों की दो साल में ही छुट्टी नहीं हो चुकी है? आखिर क्यों? केवल कपिल मिश्रा के बारे में कहा गया है कि वे जल विभाग को ठीक से संभाल नहीं पा रहे थे और विधायकों की इस बारे में शिकायतें थीं, लेकिन इसके अलावा जो मंत्री हटाए गए, उनमें से किसी को उनके प्रदर्शन के आधार पर नहीं हटाया गया। कोई फर्जी डिग्री मामले में फंसा और जेल गया,  कोई सेक्स सीडी कांड में फंसा, कोई घूस मांगने के आरोप में फंसा। तो ऐसा मंत्रिमंडल केजरीवाल ने बनाया था। ध्यान रखिए, मंत्री बनाते समय केजरीवाल को 67 में से उन्हीं लोगों को चुनना चाहिए था जिनकी विश्वसनीयता और योग्यता उनकी नजर में असंदिग्ध रही होगी। क्या केजरीवाल ने कोई दूसरी कसौटी बनाई थी? ऐसा तो होना नहीं चाहिए।

भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष करके सत्ता तक पहुंचने वाला व्यक्ति कम से कम ऐसे लोगों को तो मंत्री नहीं बनाएगा जिसकी ईमानदारी और सचाई पर उसको विश्वास नहीं होगा। जाहिर है, केजरीवाल से या तो भूलें र्हुइं या वे सत्ता में आने के साथ पिछले क्रांतिकारी भाषण, वादे और दावों को ताक पर रखकर इस मामले में भी राजनीति में व्यावहारिकता अपनानी पड़ती है, के सिद्धांत का वरण करने लगे। कपिल मिश्रा को कुछ भी कह दीजिए, लेकिन आज वे यह दावा करने की स्थिति में हैं कि केजरीवाल के मंत्रिमंडल में एकमात्र वही मंत्री रहे जिन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा या जिन पर किसी तरह का कोई मामला नहीं चल रहा है। शेष सारे पूर्व एवं वर्तमान मंत्रियों पर कोई न कोई आरोप है और उन पर मामले चल रहे हैं। बिना आग के कहीं भी धुआं नहीं उठता। जो आग है, वह हम सबको दिखाई दे रही है, केवल केजरीवाल और उनके समर्थकों को नहीं दिख रही है।  स्वाभाविक है कि हर बार अरविंद केजरीवाल और उनके साथ कई कारणों से मजबूती से डटे दिखते उनके सहयोगी जो भी मामला खिलाफ उठे, उसके लिए  केन्द्र सरकार एवं विरोधियों को दोषी ठहराते हैं कि उनके खिलाफ जान-बूझकर ऐसा किया जा रहा है। कपिल मिश्रा के पीछे भी भाजपा की साजिश का शोर मचाया जा रहा है। सवाल है भाजपा को आम आदमी पार्टी के खिलाफ साजिश करने की क्या आवश्यकता है? जो पार्टी खुद ही अपने बनाए मानकों का एक-एक कर खून कर रही है और जनता की नजर में जिसकी साख न्यूनतम बिंदु पर है, उसके खिलाफ किसी तरह की साजिश की आवश्यकता ही नहीं। फिर शुंगलू समिति की रिपोर्ट पर क्या कहेंगे? इस समिति ने साफ कहा है कि केजरीवाल सरकार द्वारा प्रशासनिक फैसलों में संविधान और प्रक्रिया संबंधी नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया गया। शुंगलू समिति ने अपनी रिपोर्ट में भ्रष्ट व्यवहार की बात उजागर की है।

समिति ने केजरीवाल सरकार के कुल 440 फैसलों से जुड़ी फाइलों को खंगालकर यह निष्कर्ष निकाला। आम आदमी पार्टी के नेता इस समिति का भी उपहास उड़ाते हैं। लेकिन ध्यान रखिए, पूर्व उप राज्यपाल नजीब जंग द्वारा गठित इस समिति में पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक वीके शुंगलू के अलावा पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी और पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त प्रदीप कुमार शामिल थे। इतने महत्वपूर्ण पद पर काम कर चुके व्यक्ति के सम्मान और साख के बारे में किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। इन तीनों व्यक्तियों से आप राजनीतिक पूर्वाग्रह की उम्मीद तो नहीं कर सकते। यहां इस रिपोर्ट का विस्तार से वर्णन नहीं किया जा सकता। लेकिन इसने केजरीवाल सरकार के काम करने में बरती गई अनियमितताओं का जैसा तथ्यवार विवरण सामने रखा है, उससे दिल दहल जाता है। रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार द्वारा शासकीय अधिकारों के दुरुपयोग के मामलों में अधिकारियों के तबादले, तैनाती और अपने करीबियों की पदों पर नियुक्ति करने में कानूनों और प्रक्रियाओं के पालन न करने का साफ जिक्र किया गया है। आम आदमी पार्टी के कार्यालय को लेकर केजरीवाल एवं उनके साथियों ने बहुत शोर मचाया कि उनसे उनका कार्यालय तक छीना जा रहा है। जरा शुंगलू रिपोर्ट को देखिए। इसमें कहा गया है कि केजरीवाल सरकार ने आम आदमी पार्टी को दफ्तर देने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई वही अवैध है।

समिति के अनुसार दिल्ली सरकार ने इसके लिए पार्टियों को दफ्तर के लिए जमीन देने की बाकायदा नई नीति बनाई जिसमें यह भी कहा गया कि जमीन पाने योग्य पार्टियों को 5 साल तक कोई इमारत या बंगला दिया जा सकता है क्योंकि इतने समय में वह अपनी आवंटित जमीन पर दफ्तर बना सकती हैं। इसके अनुसार यह साफ है कि राजनीतिक पार्टी को जमीन देने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि आम आदमी पार्टी को सरकारी आवास मिल सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 जनवरी, 2016 को आम आदमी पार्टी को यह घर मिल गया, वह भी पूरी साज-सज्जा के साथ जैसे किसी मंत्री को मिलता है। कैबिनेट फैसले में साज-सज्जा का जिक्र नहीं है तथा फाइल में किराए का भी कोई उल्लेख नहीं है। ऐसी तमाम बातें हैं जिनसे केजरीवाल की सदाचार, ईमानदार और आदर्श राजनीति की धज्जियां उड़ जाती हैं। इसमें सत्येन्द्र जैन की बेटी सौम्या जैन की नियुक्ति को हर तरीके से अवैध और अनैतिक बताया गया है। बिंदुवार बताया गया है कि यह नियुक्ति किस तरह पक्षपातपूर्ण थी। सीधे-सीधे कहा जाए तो भारत की तीन मान्य शीर्ष संस्थाओं के पूर्व प्रमुखों की समिति ने तथ्यों और नियमों के आलोक में केजरीवाल सरकार के चेहरे पर ऐसी कालिख पोती है जिससे वह किसी तरह बाहर नहीं निकल सकती। दलील चाहे जो भी दें, केजरीवाल के पास शुंगलू समिति की काट के लिए मान्य तर्क हैं ही नहीं।  वास्तव में केजरीवाल के रूप में देश में एक ऐसे व्यक्ति का उदय हुआ जिसने देश के एक बड़े वर्ग को नई राजनीति का सपना दिखाया, जिसने दिल्ली को भ्रष्टाचार-मुक्त प्रदेश बनाकर एक माॅडल के रूप में प्रस्तुत करने का वादा किया ताकि उसके आधार पर वह देश पर शासन करने का दावा कर सके।

उसकी सरकार का ऐसा हश्र भारतीय राजनीति के लिए कोई सामान्य त्रासदी नहीं है। हालांकि अरविंद केजरीवाल पर अण्णा अनशन अभियान के समय से नजर रखने वालों के लिए इसमें आश्चर्य का कोई तत्व नहीं है। आज आप नजर उठाकर देख लीजिए, अण्णा अभियान के समय जो चेहरे अरविंद और मनीष के साथ दिखते थे, उनमें से कितने साथ हैं, तो आपको इनकी कार्यशैली और इनके चरित्र का बहुत हद तक प्रमाण मिल जाएगा। दरअसल, केजरीवाल ने पार्टी पर पूरी तरह अपनी पकड़ बनाए रखने की एकाधिकारवादी नीति के तहत उन्हीं लोगों को महत्व दिया और चुनाव में टिकट भी दिए जो उनकी हां में हां मिला सकें। उनमें कौन ईमानदार है, जिस राजनीति की वे बात कर रहे हैं, उस पर कौन खरा उतर सकता है, किसके पास भविष्य की बेहतर सोच है तथा सत्ता की मादकता में भी कौन बचा रह सकता है, इन सबका विचार करने की कोई उन्होंने आवश्यकता महसूस नहीं की। आदर्श और ईमानदारी की बात करते हुए केजरीवाल ने वह सब किया जो एक व्यक्ति पर आधारित दूसरे क्षेत्रीय दल करते हैं। ऐसे सारे लोग पार्टी से बाहर हो गए या कर दिए गए जो कोई प्रश्न उठा सकते थे। तो इसका हश्र हम आज देख रहे हैं। वास्तव में कपिल मिश्रा प्रकरण तो घनीभूत हुई सड़ांधों का एक हल्का विस्फोट है। यह प्रकरण न होता तब भी केजरीवाल के नेतृत्व वाली आआपा एवं दिल्ली सरकार से नैतिकता, आदर्श, सदाचार…..के आवरणों के चीथड़े उड़ रहे थे।

Tagsआम आदमी पार्टीकेजरीवाल
Previous Article

जाधव पर पाक की हार

Next Article

किसान हमारे अन्नदाता हैं

0
Shares
  • 0
  • +
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

vivekjwala

Related articles More from author

  • उत्तर प्रदेश Jwalaप्रदेश

    युवाओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए ‘यंग वोटर्स’ अभियान चला रही है भाजपा

    October 9, 2018
    By vivekjwala
  • प्रदेश

    गुजरात चुनाव – मुस्लिम मुद्दा नहीं, 22 साल में हुआ पहली बार

    November 29, 2017
    By vivekjwala
  • दिल्ली Jwalaप्रदेश

    IGI एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टला

    August 12, 2017
    By vivekjwala
  • प्रदेश

    उत्कल एक्सप्रेस रेलवे ने लापरवाही बरतने वाले वर्कर्स को नौकरी से निकाला

    August 31, 2017
    By vivekjwala
  • उत्तर प्रदेश Jwalaप्रदेश

    गोरखपुर में 26 बच्चों समेत 33 की मौत

    August 12, 2017
    By vivekjwala
  • PM मोदीप्रदेश

    एक और चीज के लिए अब जरुरी होगा आधार कार्ड ।मोदी जी द्वारा एक और घोषणा -:

    August 5, 2017
    By vivekjwala

Leave a reply Cancel reply

  • बॉलीवुड Jwalaमनोरंजन

    ढिंचाक पूजा ने ली बिग्ग बॉस के घर में एंट्री, घरवालों के उड़े होश

  • प्रेरणादायक सीख Jawala

    गाद को बहने दो

  • ज़रा हटकर

    33 से ज्याद बच्चो के कलाई पर कट , ब्लू व्हेल के जाल में फंसने का शक

  • Recent

  • Popular

  • Comments

  • वैश्य अग्रवाल सभा द्वारा निरजला एकादशी पर शीतल मीठे शरबत (छबील) का आयोजन

    By vivekjwala
    June 29, 2026
  • इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), गाज़ियाबाद लोकल सेंटर द्वारा 58th Engineers Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 16, 2025
  • आईईआई गाज़ियाबाद लोकल सेंटर में Royal Charter Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 9, 2025
  • गाज़ियाबाद में सम्पन्न हुआ 38वाँ राष्ट्रीय टेक्सटाइल इंजीनियर्स सम्मेलन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी

    By vivekjwala
    September 6, 2025
  • स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में महाराजा अग्रसेन मानव सेवा ट्रस्ट एवं वैश्य अग्रवाल सभा (ट्रांस ...

    By vivekjwala
    August 19, 2025
  • किसान हमारे अन्नदाता हैं

    By vivekjwala
    June 26, 2017
  • राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    By vivekjwala
    October 13, 2017
  • कौन सही कौन गलत |

    By vivekjwala
    May 28, 2018
  • अब बेड़ियां नहीं पहनेंगी मुस्लिम महिलाएं

    By vivekjwala
    June 22, 2017
  • देशभक्त पत्थरबाज

    By vivekjwala
    February 1, 2018
  • Van
    on
    September 17, 2026

    किसान हमारे अन्नदाता हैं

    sportsbook the best online ...
  • rozdavani penez dostihy a sazky
    on
    September 17, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    liga mistrů lední hokej Have ...
  • Best Bet Casino Free Coins
    on
    September 16, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    new zealandn Best Bet ...
  • Trina
    on
    September 16, 2026

    किसान हमारे अन्नदाता हैं

    apuestas online venezuela (Trina) ...
  • Nam
    on
    September 16, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    nowe bonus od depozytu ...

Find us on Facebook

प्रेरणादायक सीख

उत्तर प्रदेश Jwala

वैश्य अग्रवाल सभा द्वारा निरजला एकादशी पर शीतल मीठे शरबत (छबील) का आयोजन

निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर वैश्य अग्रवाल सभा द्वारा श्रद्धालुओं एवं आमजन की सेवा हेतु शीतल मीठे शरबत (छबील) का आयोजन किया गया। प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 2:00 ...
  • इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), गाज़ियाबाद लोकल सेंटर द्वारा 58th Engineers Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 16, 2025
  • आईईआई गाज़ियाबाद लोकल सेंटर में Royal Charter Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 9, 2025
  • गाज़ियाबाद में सम्पन्न हुआ 38वाँ राष्ट्रीय टेक्सटाइल इंजीनियर्स सम्मेलन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी

    By vivekjwala
    September 6, 2025
  • स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में महाराजा अग्रसेन मानव सेवा ट्रस्ट एवं वैश्य अग्रवाल सभा (ट्रांस हिंडन क्षेत्र) साहिबाबाद ने, माल्यार्थ फाउंडेशन के सांस्कृतिक सहयोग से एक शाम देश की“संस्कृति और स्वतंत्रता”के नाम आयोजित किया

    By vivekjwala
    August 19, 2025

पत्रकारिता हमारा मिशन है व्यवसाय नही।

विवेक ज्वाला का प्रकाशन वर्ष 2002 में तत्कालीन जनपद गाजियाबाद के किसी ग्राम से निकलने वाला पहला मासिक समाचार पत्र था।जो एक टीम के द्वारा शुरू किया गया था।
2011 में विवेक ज्वाला साप्ताहिक प्रकाशित किया जाने लगा।जो आज तक निरंतर प्रकाशित हो रहा है।
 इस बीच विवेक ज्वाला के 5 विशेषांक मैगजीन के रूप में प्रकाशित हो चुके हैं।जिन्हें हमारे पाठकों ने बेहद सराहा है।
  • Recent

  • Popular

  • Comments

  • वैश्य अग्रवाल सभा द्वारा निरजला एकादशी पर शीतल मीठे शरबत (छबील) का आयोजन

    By vivekjwala
    June 29, 2026
  • इंस्टिट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), गाज़ियाबाद लोकल सेंटर द्वारा 58th Engineers Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 16, 2025
  • आईईआई गाज़ियाबाद लोकल सेंटर में Royal Charter Day 2025 का सफल आयोजन

    By vivekjwala
    September 9, 2025
  • गाज़ियाबाद में सम्पन्न हुआ 38वाँ राष्ट्रीय टेक्सटाइल इंजीनियर्स सम्मेलन एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी

    By vivekjwala
    September 6, 2025
  • किसान हमारे अन्नदाता हैं

    By vivekjwala
    June 26, 2017
  • राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    By vivekjwala
    October 13, 2017
  • कौन सही कौन गलत |

    By vivekjwala
    May 28, 2018
  • अब बेड़ियां नहीं पहनेंगी मुस्लिम महिलाएं

    By vivekjwala
    June 22, 2017
  • Van
    on
    September 17, 2026

    किसान हमारे अन्नदाता हैं

    sportsbook the best online ...
  • rozdavani penez dostihy a sazky
    on
    September 17, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    liga mistrů lední hokej Have ...
  • Best Bet Casino Free Coins
    on
    September 16, 2026

    राजकीय मानचित्र पर आए गढ़मुक्तेश्वर गंगा स्नान मेले की वर्तमान तैयारियों का सच।

    new zealandn Best Bet ...
  • Trina
    on
    September 16, 2026

    किसान हमारे अन्नदाता हैं

    apuestas online venezuela (Trina) ...

Follow us

About us

  • Hapur
  • +91- 9999929312
  • [email protected]
  • Home
  • Contact Us
  • About Us