हंसी के पल

डॉक्टर साहब आपको टाके लगाने आते हे?
डॉक्टर हा!
मरीज- यह लो मेरी चपप्ल
इसमें लगा दो!
डॉक्टर बेहोश….
एक‘अँधा आर्मी में भर्ती होने के लिए गया।
मेज़र:-‘मैं तुम्हे किस काम के लिए रखूं?
अँधा:-अंधाधुंध फायरिंग के लिए।
साला आज-कल के साबुन देख कर,
पता ही नहीं चलता की नहाने के लिए है या खाने के लिए!!
मलाई..दूध..केशर..युक्त.
















मैं किसी चाँद का आसमाँ हो गया
आप तो इस शहर से वाकिफ़ हैं(ग़ज़ल)
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माल्यार्थ फाउंडेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय वेबिनार आयोजित